हिंदी में लिखें
हिंदी में अपनी किताब लिखिए — एक सह-लेखक के साथ
कहानियाँ सबके पास हैं — दादी के क़िस्से, अपने काम का हुनर, बच्चों के लिए कोई सीख, या अपनी ज़िंदगी का सफ़र। किताब इसलिए नहीं लिखी जाती क्योंकि पूरी किताब लिखना कठिन है और उसे छापना उससे भी कठिन।
ePustika आपका सह-लेखक है। विचार आपका, हर शब्द पर फ़ैसला आपका। वह आपके साथ अध्यायों की योजना बनाता है, आपकी अपनी आवाज़ में लिखता है, पूरी किताब की हर बात याद रखता है, कवर बनाता है और किताब को छपाई लायक़ सजाता है।
किताब कैसे बनती है
चार क़दम — और हर क़दम पर आप दिशा बदल सकते हैं।
- किताब का विषय बताइए — एक पंक्ति काफ़ी है। चाहें तो अपनी लिखावट का एक नमूना दीजिए, ताकि हर अध्याय आपकी शैली में लिखा जाए।
- रूपरेखा देखिए — हर अध्याय का शीर्षक और सार आप बदल सकते हैं, आगे-पीछे कर सकते हैं, हटा सकते हैं। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ नहीं लिखा जाता।
- साथ-साथ लिखिए — हर अध्याय पहले लिखा जाता है, फिर संपादित होता है, और संपादक में आप किसी भी अनुच्छेद को दोबारा लिखवा, छोटा या विस्तृत कर सकते हैं।
- लेखक के रूप में प्रकाशित कीजिए — EPUB और छपाई के लिए PDF डाउनलोड कीजिए, या ePustika बाज़ार में बेचिए और हर बिक्री का 80% रखिए।
हिंदी, सही ढंग से
हिंदी में लिखी किताब हिंदी की तरह पढ़नी चाहिए — अंग्रेज़ी से अनुवाद की तरह नहीं। ePustika सीधे हिंदी में लिखता है, और संयुक्ताक्षर व मात्राएँ पाठक, EPUB और PDF — तीनों में सही दिखती हैं।
हर किताब का एक ‘बुक बाइबल’ रहता है — पात्र, उनकी उम्र, जगहें, शब्दावली और हर तय बात — ताकि बारहवाँ अध्याय भी दूसरे अध्याय की बात याद रखे।
कितना ख़र्च होगा
पहली किताब की शुरुआत मुफ़्त है: पूरी रूपरेखा, पहला अध्याय पूरा लिखा हुआ और एक सुंदर कवर। आगे बढ़ने पर बाक़ी अध्याय भी मुफ़्त लिखे जाते हैं। डाउनलोड या प्रकाशन के लिए ₹99 दीजिए — या 3 दोस्तों को जोड़िए जो अपनी पहली किताब लिखें।
आगे की किताबें: छोटी ₹149, मानक ₹349, प्रीमियम ₹699।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किताब का मालिक कौन होगा?
आप। लेखक आप हैं — योजना आप मंज़ूर करते हैं, हर शब्द आप बदल सकते हैं, और किताब आपके नाम से छपती है। बाज़ार में किताबों पर ‘AI की सहायता से’ लिखा रहता है, क्योंकि पाठकों को यह जानने का हक़ है।
क्या यह मेरी तरह लिखेगा?
अपनी लिखावट का एक नमूना दीजिए — उससे आपकी शैली समझी जाती है और हर अध्याय, हर बदलाव उसी शैली में होता है।
क्या मैं किताब छपवा सकता हूँ?
हाँ। छपाई के लिए तैयार PDF डाउनलोड कीजिए — कवर सहित — और किसी भी प्रिंटर से छपवाइए।
क्या दूसरी भारतीय भाषाओं में भी लिख सकते हैं?
हाँ — अंग्रेज़ी और 12 भारतीय भाषाओं में: हिंदी, बांग्ला, तेलुगु, मराठी, तमिल, गुजराती, उर्दू, कन्नड़, ओड़िया, मलयालम, पंजाबी और असमिया।